रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार
अति प्राचीन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपना स्थान रखने वाला पूर्व मध्य रेलवे के महत्त्वपूर्ण गया जंक्शन को रेलवे डिविजनल जोन बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर गया रेलवे जंक्शन परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर जनजागरण अभियान कार्यक्रम चलाकर इस सम्बंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय रेलमंत्री को ज्ञापन भेज कर आवाज बुलंद किया गया।जनजागरण अभियान में शामिल बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, गया जिला कॉंग्रेस पिछड़ा सेल अध्यक्ष राम सेवक कुशवाहा, शिव कुमार चौरसिया, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, शिव कुमार चौरसिया, विपिन बिहारी सिन्हा, कुंदन कुमार, युवा कॉंग्रेस अध्यक्ष विशाल कुमार, मो. शमीम आलम, अफताब अरबियानआदि ने कहा कि पूर्व मध्य रेलवे के महत्त्वपूर्ण गया जंक्शन डिविजनल जोन बनने की सभी अहर्ताओं को रखने के साथ-साथ ग्रांडकोड लाइन के मुख्य स्टेशन है जिसके अंतर्गत हज़ारों एकड़ भूखण्ड रखने तथा अभी अन्तरराष्ट्रीय स्तर के सैकड़ों करोड़ की लागत से बन रहे गया रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर नहीं बल्कि डीआरएम के बैठने की नितांत आवश्यकता है। नेताओं ने कहा कि गया से डी डी यू नगर लाइन में कर्मनाशा तक,गया से पटना लाइन में नदौल तक, गया कियूल लाइन में जमालपुर तक, गया आसनसोल लाइन में पारसनाथ तक के सभी स्टेशन को मिला कर नया रेलवे डिविजनल जोन बताया जा सकता है।
नेताओं ने कहा कि डिविजनल जोन के अलावे कई वर्षो पुरानी मागें जैसे गया से बंगलुरू तथा हैदराबाद, अहमदाबाद की सीधी ट्रेनें, मानपुर,ईश्वर चौधरी हॉल्ट, बंधुआ, चाकन्द, कष्ठा रेलवे स्टेशन का चहुंमुखी विकास, बागेश्वरी गुमटी, पंचायती अखाड़ा, बंधुआ, कटारी, बारा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण कराने, गया रेलवे जंक्शन परिसर के मुख्य द्वार से दक्षिण- पश्चिम में स्टेशन से मिर्जा ग़ालिब कॉलेज तक तथा उतर में बैरागी तक सड़क किनारे मॉल, दुकान आदि बनाने से गया जंक्शन का आमदनी के साथ- साथ आमजनों को काफी सहूलियत होगी।
नेताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के समय यानि पांच वर्षों से बंद वरिष्ठ नागरिकों, खिलाड़ियों, पत्रकारो को रेलवे किराया में मिलने वाले रियायत को फिर से चालू करना नितांत आवश्यक है,जबकि कभी-कभी इस सम्बंध में देश के विभिन्न मीडिया सेक्टरों से इस सम्बंध में ख़बरें आती रहती है कि यह रियायत फिर शुरू होने वाला है, परंतु ऐसा अभी तक नहीं हुआ है।
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