कहा- यक्ष्मा से पीड़ित सभी मरीजों को सहायता करें सरकार
रिपोर्ट:विनोद विरोधी
गया, बिहार
जिले के बाराचट्टी सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम का केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।इस दौरान सूक्ष्म लघु एवं माध्यम विभाग के उप निदेशक अनुजा बापट, स्थानीय विधायक ज्योति देवी, सिविल सर्जन गया , एस डी एम सारा असरफ , डीएसपी संजीत कुमार प्रभात , कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ पंकज कुमार , प्रखंड प्रमुख कविता देवी , कार्यक्रम संचालक सह सीएचसी प्रबंधक राकेश कुमार , अंचलाधिकारी अरुण कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ साथ क्षेत्र के सैकड़ों जनप्रतिनिधि और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस तरह से पोलियो को देश से समाप्त किया गया, उसी उसी प्रकार टीबी रोग का भी एक दिन समाप्त करने की योजना प्रधानमंत्री ने शुरू किया हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ समाज के लिए स्वच्छ शरीर का होना बहुत जरूरी है और इसके लिए उपचार से पहले सावधानी लोगो को बरतना जरूरी है।टीबी खतरनाक बीमारी है,जो परिवार में भी फैलने का डर रहता हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को आगाह करते हुए कहा कि जिस घर में टीबी के मरीज मिले उसके पूरे परिवार को चेकअप करवाए और जो सरकार के द्वारा मरीजों को आर्थिक लाभ और सहायता दिया जाता है उसे पूरा करें। बीते वर्ष में कुल 3579 मरीज हैं जिन्हें 1000 रुपए प्रति माह खाता में भेजा जा रहा है।इसकी इसकी जांच किया जाना चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि शराबबंदी होने के बावजूद लोग मिलावटी शराब पीकर मर रहे हैं।इसपर बिहार सरकार एक बार पुनः समीक्षा करे। उन्होंने कहा कि गुजरात के तर्ज पर बिहार में शराबबंदी मॉडल को लागू कर देना चाहिए जिससे लोग मिलावटी शराब पीने से बचे।बिहार में बड़े बड़े लोग इसका सेवन करते हैं,उनलोग पर कारवाई क्यों नहीं होती? आज बिहार के गरीब मजदूर लाखों की संख्या में जेल में बंद है उसका परिवार कैसे चलेगा इस पर विचार किया जाना चाहिए।
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