रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
जिले के बांकेबाज़ार प्रखंड की बैताल पंचायत स्थित कुबड़ी गांव मंगलवार की सुबह भीषण अग्निकांड से दहल उठा। सुबह करीब नौ बजे कैलाश साव के घर में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं और आग की लपटों से घिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय चमेली देवी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उनके पति कैलाश साव गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। लोग जब तक कुछ समझ पाते, आग तेजी से फैल चुकी थी। उस समय घर के अंदर कैलाश साव, उनकी पत्नी चमेली देवी, शोभा कुमारी और एक दो वर्षीय बच्चा मौजूद थे। ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने में जुट गए। लोगों ने बाल्टी, पाइप, मोटर पंप और पानी के टैंकर की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की।ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कैलाश साव, शोभा कुमारी और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन चमेली देवी आग के बीच फंस गईं। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार घर में घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और फर्नीचर के साथ पेट्रोल व डीजल भी रखा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग में घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया। लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते लोग आग बुझाने नहीं जुटते तो आसपास के कई घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
घटना की सूचना मिलते ही रोशनगंज थाना पुलिस और शेरघाटी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। रोशनगंज थानाध्यक्ष अन्नू रजा ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं सीओ बिक्रम कुमार ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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