अजय कुमार वर्मा
रामकोला, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश।
नगर के विभिन्न सरकारी तथा गैर शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रपति डा. एस राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। जनता इण्टर कालेज में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए शिक्षक मिथिलेश सिंह ने डा. एस. राधाकृष्णन के विचारों व आदर्शो पर चलने की प्रेरणा लेने की छात्राओं से अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक गाईड होते हैं। वे वही है जो हमें उन रास्तों पर चलना सिखाते हैं जिन पर चलने से हमारा उत्थान होता है। उन्होंने कहा कि टीचर्स डे का मतलब केवल उस दिन को मनाया जाना नहीं बल्कि अपनी टीचर्स की बातों को मानकर अच्छा बनना है। समारोह में बोलते हुए शिक्षक राधे गोविन्द शाही ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डा. एस. राधाकृष्णन से उनके एक छात्र ने जब 5 सितंबर के दिन उनका जन्म दिन मनाने की इजाजत मांगी तो उन्होंने कहा कि उनके जन्म दिन के शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाय। इसीलिए 5 सितंबर 1962 से भारत में टीचर्स डे मनाया जा रहा है। श्री शाही जी ने कहा डा. एस. राधाकृष्णन का सपना था कि शिक्षक हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाले व्यक्ति ही हो। इस अवसर पर विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की। कार्यक्रम में दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल हुई।
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