हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
बीoएनoएसoडीoबालिका इंटर कॉलेज में स्व० दीपक लाहोटी की स्मृति में लक्ष्मी देवलाहोटी बेरिटेबित ट्रस्ट द्वारा गीता जयन्ती के उपलक्ष्य में "गीता श्लोक प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह" का आयोजन हुआ। जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि भा० उमेश पालीवाल जी ने मी सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा स्वीका जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। आपने अपने उद्बोधन में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि हमारे भारत देश का जतीत अत्यन्त गौरवशाली रहा है। चर्म की अवधारणा हमारे देश से ही प्रारम्भ हुयी है। वेद संसार के प्राचीनतम ग्रन्थ है। वेदों की रचना भारतवर्ष में ही दुधी है। धर्म, संस्कृति, सभ्यता का प्रसार सर्वप्रथम यहीं हुआ। राम ने आदर्श राज्य व्यवस्था स्थापित की, तो कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया कि कर्म ही गीता का सर्वोपरि सुभ है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्याम अरोड़ा ने अपने अध्यक्षीय आशीर्वचन में स्प० दीपक लाहोटी के व्यक्तित्व एवं कृतित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीपक लाहोटी ने सदैव गीता के मर्म के अनुसार अपने जीवन में कार्य किया।आगन्तुक अतिथियों का परिचय, स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेट गीता जयन्ती उत्साव की संयोजिका मंसुता ने एवं संचालन कामाशी गुप्ता एवं दर्शिका अवस्थी ने किया। आभार प्रदर्शन के माहोटी ने किया। विद्यालय की अवालों द्वारा प्रस्तुत गीत "गीता हृदय वातावरण को दिव्य एवं पवित्र बना दिया।
इस प्रतियोगिता में 28 विद्यालयों के 116 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की। प्रतियोगिता पंचम से अष्टम कनिष्ठ तथा नवम से द्वादश वरिष्ठ दो वर्गों में सम्पन्न हुई। छात्राओं ने श्रीमभगवद गीता के लोकों का सस्वर पाचन किया।
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