भानु प्रकाश
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर, (10+2)पक्कीबाग गोरखपुर के प्रांगण में 'विद्यारंभ संस्कार' समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने शैक्षिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की।
समारोह के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में महापौर जी ने कहा:
> "विद्यारंभ संस्कार हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यह बालक के बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की नींव रखता है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।"
पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक रीति-रिवाज से सरस्वती पूजन और हवन संपन्न हुआ, जिसमें अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ आहुति दी।
नन्हे छात्रों को 'ॐ' और 'श्री' लिखवाकर उनके शिक्षा सत्र का श्रीगणेश कराया गया।
विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा माँ सरस्वती की वंदना और बसंत गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
इससे पूर्व विद्यालय के नन्हे मुन्ने भैया बहनों द्वारा कलश यात्रा निकाली गई।
साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह द्वारा अतिथि परिचय एवं सम्मान हुआ। इस शुभ अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, कोषाध्यक्ष महेश गर्ग,डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी,प्रथम सहायक रुक्मिणी उपाध्याय, शिशु वाटिका प्रमुख मीनाक्षी राजपूत सहित प्रबंध समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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